हमारे बारे में

 

            

               छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा विभाग उत्कृष्टता को केन्द्र में रखकर, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों का विस्तार करते हुये उच्च शिक्षा की सुविधा अधिकाधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिये दृढप्रतिज्ञ है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये 9 शासकीय विश्वविद्यालय, 14 निजी विश्वविद्यालय, 253 शासकीय महाविद्यालय, 12 अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय तथा 245 अनुदान अप्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के माध्यम से निरंतर प्रयासरत है।

            

              समानता, सुगमता एवं उत्कृष्टता की दृष्टि से शैक्षणिक संस्थानों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराते हुये अधोसंरचना का सुदृढीकरण करना तथा प्रदेश की युवा पीढी को शैक्षिक दृष्टि से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का महती दायित्व विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने के लिये शैक्षणिक संस्थाओं की संख्या में निरंतर बढोत्तरी करने के साथ क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना आवश्यक है । इस दिशा में किए जा रहे प्रयास अब फलीभूत हो रहे है। राज्य गठन के समय 116 शासकीय महाविद्यालयों की संख्या आज बढकर 253 हो गई है, वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में 40 शासकीय महाविद्यालयों की तत्कालीन संख्या वर्तमान में 114 हो गई है। विद्यार्थियों की वृध्दि भी दृष्टव्य है ।राज्य गठन के समय शासकीय महाविद्यालय में 84561 विद्यार्थी अध्ययनरत थे जो वर्तमान में 243046 है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि इस वर्ष शासकीय महाविद्यालयों में छात्रों की संख्या (96385) से छात्राओं (146661) की संख्या अधिक है। लैंगिक असमानता को दूर करने की दिशा में यह विभाग के सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है। शैक्षणिक स्तर ऊँचा उठाने के लिये पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुये सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक के रिक्त पदो के विरुद्ध अतिथि व्याख्याताओं की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विनियम के तहत् विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के लिये नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) द्वारा प्रत्यायन कराया जाना अनिवार्य है । उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गुणात्मक मूल्यांकन के लिये निरंतर प्रयास किया जा रहा है। परिणामतः राज्य के कुल 05 विश्वविद्यालयों एवं 77 महाविद्यालयों का नैक द्वारा प्रत्यायन कराया गया है ।

            

              गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता वृध्दि के लिये प्रदेश के दो शासकीय महाविद्यालयों को 5 करोड़ प्रति महाविद्यालय स्वीकृत किया गया है। रूसा परियोजना अन्तर्गत 08 महाविद्यालयों को अधोसंरचना विकास के लिये 2 करोड़ प्रति महाविद्यालय प्रदान किया गया है। उच्च शिक्षा के चहुंमुखी विकास के लिए विभाग कृत संकल्पित है, इसीलिए बजट में भी लगातार वृद्धि की जा रही है । विगत वर्ष का कुल बजट रू. 953.78 करोड़ था जो इस वर्ष रू. 990.87 करोड़ है । विद्यार्थियों के लिये उपयुक्त एवं अत्याधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिये परिसर को वाई-फाई सुविधायुक्त बनाने, ई-क्लास रूम/ स्मार्टरूम की व्यवस्था करने, पुस्तकालय को एन- लिस्ट से जोडने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग आगे बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश के युवा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए आधुनिक समय की चुनौतियों का सामना करने योग्य बन सकें । उच्च शिक्षा ’’सबके लिये सभी जगह’’ तक पहुंचाने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग सतत् प्रयासरत है |